Sunday, 28 April 2019

भारत मे कुपोषण

सरकार के अनेक प्रयासो के बाद भी आज देश मे लोग भूख और कुपोषण की समस्या से  लड़ रहे है। 2017 में इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टिट्यूट द्वारा जारी वैश्विक भूख सूचकांक में दुनिया के 119 विकासशील देशो में भारत का स्थान 100 था जो कि 2016 में 97 था इससे पता चलता है की देश में भूख और कुपोषण को लेकर हालात सुधरने के बजाए बिगड़े है। भारत में कुपोषण और खाद्य सुरक्षा को लेकर कई योजनाएं चलाई जाती रही हैं लेकिन समस्या की विकरालता को देखते हुए इतना सब कुछ कम तो नहीं था साथ ही व्यवस्थागत विसंगतियों और भ्रष्टाचार की वजह से भी ये लगभग बेअसर साबित हुई। अभी भी देश के राज्यो में लगभग 43 लाख बच्चे कुपोषित है जबकि करीब 10 लाख बच्चे तो अतिकुपोषित यानी मौत की दहलीज पर है जिसका मतलब है कि यदि समय रहते इनके स्वास्थ्य पर ध्यान नही दिया गया तो यह जल्दी ही दम तोड़ देंगे। भारत सरकार को एक नजर इन कुपोषण से पीड़ितों की ओर भी देखना अतिआवश्यक है सिर्फ दिलहासा देने से कुछ नही होगा।

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