Thursday, 25 April 2019

बाल मजदूरी के खिलाफ

बाल मजदूरी भारत देश के लिए एक निराशाजनक तस्वीर है क्योंकि जिस देश मे "सबका साथ सबका विकास" जैसे श्लोकों से लोगों को प्रभावित किया जाता हैं उनको दिलहासा दिया जाता है। उसी देश में एक ऐसा समाज भी है  जो बच्चों को पढ़ने लिखने उनके भविष्य को बेहतर बनाने कि जगह उन्हें आग कि भट्टियों में झोंक देते है जिस उमर में बच्चों के नरम होने चाहिए उनके हाथ आग से जले हुए है उन मासूम बच्चों का भविष्य उस आग की लपटों में ही जल कर राख बन जाता है। ऐसी मानसिकता वाले समाज को जल्द से जल्द नष्ट करने की आवश्यकता है जिस देश को पूरे विश्व से प्रोत्साहन मिल रहा है उसके विकास की नीतियों के लिये उसी देश के लिए बाल मजदूरी एक कलंक है। संविधान में भी इस पर प्रतिबंध है इसके लिए भारत सरकार ने कई  योजनाएं भी चलाई पर फिर भी इस  पर पूर्ण रूप से रोक लगाने में असमर्थ रहे। भारत सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है जिससे किसी भी बच्चे का भविष्य आग की भट्टी में राख ना हो।

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