Monday, 20 April 2020

ऑनलाइन शिक्षा कितनी जरूरी कितनी मजबूरी



हम जब भी किसी नए विचार को उपयोग में लाते है तब उसके दोनों ही पहलुओं को देखना बेहद जरूरी होता है।

                        ऑनलाइन शिक्षा



ऑनलाइन शिक्षा  एक बहुत ही अच्छा विचार है और ऐसी स्थिति में जब सभी कुछ लॉक डाउन है सभी लोग अपने घर में है। कॉलेज,स्कूल और अन्य संस्थाएं भी बंद है ऐसी स्थिति में ये एक बहुत ही अच्छे विकल्प के रूप में सामने आया है क्यूंकि इससे छात्र - छात्राओं को पढ़ने का एक अच्छा अवसर मिल रहा है जोकि बेहद लाभदायक है। यह समय भी परीक्षाओं का है लेकिन इस महामारी के चलते सभी परीक्षाओं को भी आगे बढ़ा दिया गया है उसके बावजूद भी छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है जिससे  भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में  छात्रों को आसानी होगी। इस दृष्टि से ऑनलाइन शिक्षा इस स्थिति में अहम भूमिका निभा रही है।

परन्तु क्या सभी छात्र ऑनलाइन शिक्षा का लाभ उठा रहे है?

ऐसी स्थिति में जब लोगो के काम धंधे महीनों से ठप है घर में खाने के लिए कुछ नहीं है क्यूंकि हर वो छात्र जो कॉलेज,स्कूल और अन्य संस्थाओं में पढ़ रहा है जरूरी नहीं वो आर्थिक रूप से घर से मजबूत हो कई ऐसे छात्र है जो केवल हर महीने ही नेट का रिचार्ज कराते है जिसकी कॉस्ट कम से कम ₹199 है और ऐसी स्थिति में उनके लिए रिचार्ज करना बेहद मुश्किल है क्यूंकि ये कोई एक महीने की बात नहीं है कि कहीं से इंतजाम करले। दूसरी बात यह है कि देश के सभी क्षेत्रों में इंटरनेट की फास्ट सुविधा उपलब्ध नहीं है कई जगह ऐसी है जहा इंटरनेट की गति बहुत ही धीमी है तो कहीं इंटरनेट बिल्कुल भी नहीं चलता बस नाममात्र ही चलता है। ऐसे छात्रों के लिए जो इस तरह की समस्याओं से झूज रहे है उनके लिए तो ऑनलाइन शिक्षा का कोई मतलब ही नहीं है।

Thursday, 16 April 2020

इंटरनेट ने हिंदी के नए रास्ते खोल दिए है

जिस तरह से आज हम फेस बुक , ट्विटर, प्रतिलिपि, योर कोट, वेब पोर्टल और लिखने के अन्य एप्लीकेशंस पर हिंदी के लेख लिखने वालो की भारी भीड़ देख रहे है इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इंटरनेट से हिंदी  भाषा को बढ़ावा मिला है।


इंटरनेट के माध्यम से अशिक्षित लोग भी अब आसानी से गूगल और यूं ट्यूब पर कोई भी जानकारी हिंदी भाषा में हासिल कर सकता है। आज हम देखते है की जो लोग हिंदी साहित्य पढ़ने का शौक रखते है पर किताबे ना मिलने की वजह से या फिर पेसो की किल्लत की वजह से किताबे नहीं खरीद पाते थे आज वह लोग इंटरनेट के माध्यम से किसी भी हिंदी साहत्यकारों की रचना को आसानी से  पीडीएफ फॉम में पढ़ सकते है।

जो लोग हिंदुस्तान के बाहर की खबरों को जानने में रुचि रखते है या किसी अंग्रेजी के लेखन को पढ़ना चाहते है पर अंग्रेजी भाषा का ज्ञान ना होने की वजह से पढ़ने में असमर्थ है आज वो इंटरनेट के माध्यम से अंग्रेजी को हिंदी भाषा में अनुवाद करके आसानी से पढ़ और समझ सकते है। जो लोग अखबार पढ़ना तो चाहते है पर हर रोज़ या महीने में अखबार डालने वाले को पैसे देने से बचते है अब वह भी इंटरनेट के जरिए आसानी से हिंदी भाषा के समाचार पढ़ सकते है।

हिंदुस्तान में आम बोल चाल की भाषा की बात करे तो कश्मीर में कश्मीरी, पंजाब में पंजाबी, हरियाणा में हरयाणवी, कर्नाटका में कन्नड़, केरल में मलयालम,  महाराष्ट्र में मराठी  तमिलनाडु में तमिल आदि भाषा बोली जाती है इसके बावजूद  हिंदी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है जिसको इंटरनेट ने और भी ज्यादा महत्व दिया है। हम किसी भी सर्च इंजन जैसे गूगल पर कोई भी जानकारी हासिल कर सकते है  बिना की बोर्ड का  इस्तमाल किए बस जो भी जानना हो  माइक पर बोल कर  जान सकते है।

इन सभी बातों को ध्यान में रख कर हम के सकते है कि इंटरनेट ने हिंदी के नए रास्ते खोल दिए है।