Thursday, 16 April 2020

इंटरनेट ने हिंदी के नए रास्ते खोल दिए है

जिस तरह से आज हम फेस बुक , ट्विटर, प्रतिलिपि, योर कोट, वेब पोर्टल और लिखने के अन्य एप्लीकेशंस पर हिंदी के लेख लिखने वालो की भारी भीड़ देख रहे है इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इंटरनेट से हिंदी  भाषा को बढ़ावा मिला है।


इंटरनेट के माध्यम से अशिक्षित लोग भी अब आसानी से गूगल और यूं ट्यूब पर कोई भी जानकारी हिंदी भाषा में हासिल कर सकता है। आज हम देखते है की जो लोग हिंदी साहित्य पढ़ने का शौक रखते है पर किताबे ना मिलने की वजह से या फिर पेसो की किल्लत की वजह से किताबे नहीं खरीद पाते थे आज वह लोग इंटरनेट के माध्यम से किसी भी हिंदी साहत्यकारों की रचना को आसानी से  पीडीएफ फॉम में पढ़ सकते है।

जो लोग हिंदुस्तान के बाहर की खबरों को जानने में रुचि रखते है या किसी अंग्रेजी के लेखन को पढ़ना चाहते है पर अंग्रेजी भाषा का ज्ञान ना होने की वजह से पढ़ने में असमर्थ है आज वो इंटरनेट के माध्यम से अंग्रेजी को हिंदी भाषा में अनुवाद करके आसानी से पढ़ और समझ सकते है। जो लोग अखबार पढ़ना तो चाहते है पर हर रोज़ या महीने में अखबार डालने वाले को पैसे देने से बचते है अब वह भी इंटरनेट के जरिए आसानी से हिंदी भाषा के समाचार पढ़ सकते है।

हिंदुस्तान में आम बोल चाल की भाषा की बात करे तो कश्मीर में कश्मीरी, पंजाब में पंजाबी, हरियाणा में हरयाणवी, कर्नाटका में कन्नड़, केरल में मलयालम,  महाराष्ट्र में मराठी  तमिलनाडु में तमिल आदि भाषा बोली जाती है इसके बावजूद  हिंदी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है जिसको इंटरनेट ने और भी ज्यादा महत्व दिया है। हम किसी भी सर्च इंजन जैसे गूगल पर कोई भी जानकारी हासिल कर सकते है  बिना की बोर्ड का  इस्तमाल किए बस जो भी जानना हो  माइक पर बोल कर  जान सकते है।

इन सभी बातों को ध्यान में रख कर हम के सकते है कि इंटरनेट ने हिंदी के नए रास्ते खोल दिए है।

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