#एक_बार_जरूर_पढ़े
ये खिलखिलाता चेहरा अपनी बेबसी को छुपा रहा है
आप सभी सोच रहे होंगे यह कौन है? अभी थोड़ी देर पहले ही लगभग 12:15 बजे में यमुना विहार से अपने घर के लिए आ रहा था मैने रास्ते में ही खाना खाया था और खाना खाने के बाद बचा हुआ एक पॉलिथीन में बंद कर गाड़ी पर बांध लिया और जैसे ही में रोड से गुजर रहा था वहीं रास्ते में एक कूड़ाघर था मैने वो पॉलिथीन उसमे फेंकने के लिए गाड़ी रोकी और वो पॉलिथीन वहां फेंक दी मैने अभी गाड़ी आगे बढ़ाई भी नहीं थी कि एक बच्चा महज 10_12 साल की उम्र होगी उसकी मेरी फेंकी हुई पॉलीथिन को उठाने लगा मैने तुरंत उसको रोका अरे ये क्या कर रहा है भाई और उसे अपने पास बुलाया वो मुझसे कुछ बोल नहीं रहा था फिर मेरे पूछने पर उसने बताया कि उसके मा बाप नहीं है और घर(जहां भी वो रहता होगा) पर उसकी छोटी बहन उसका इंतज़ार कर रही है जिससे वो यह कहकर आया था कि मैं तेरे लिए खाना लेने जा रहा हूं। उसकी इतनी बात सुन कर दिल कांप उठा कि एक छोटा सा बच्चा जो कि यतीम है इतनी रात को कुड़ेघर में खाना ढूंढ़ रहा है। मै उसकी जैसे मदद कर सकता था उस वक़्त मैने की और जब जाने लगा मैने उसे आवाज़ दी और वापस अपने पास बुलाया और उसकी ये बेहद खूबसरत तस्वीर ली जिसमें उसकी यह मुस्कुराहट बयां कर रही थी कि वो बहुत खुश था और उसकी इस मुस्कुराहट ने मुझे वो सुकून दिया जो की में अपने शब्दों से बयां नहीं कर सकता।
मकसद ये कहानी सुना ना नहीं था बल्कि आप लोगो तक मेरा ये छोटा सा मैसेज पहुंचना था कि हम लोग रोजाना ना जाने कितना खाना बरबाद कर देते है फिर वो चाहे किसी के बैर्थडे पार्टी में एक दूसरे के मुंह पर केक लगा कर करते हो या फिर जब खाते खाते मन भर जाने पर उसे कूड़े में फेंक देते है क्यों ना हम अपना बर्थडे ऐसे ही बच्चो के साथ मिलकर मनाना शुरू कर दे इससे आप इन लोगो को खुशियों की वजह बन सकते हो साथ ही जब कभी आप बाहर कहीं खाना खाए तो एक नजर अपने आस पास देखले कि कहीं कोई इस तरह का बच्चा भूका तो नहीं है ताकि आपके खाने का थोड़ा सा हिस्सा किसी कि खुशियों की वजह बन सकती है।
पढ़ने लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ❤
#वाजिद✍️
ये खिलखिलाता चेहरा अपनी बेबसी को छुपा रहा है
आप सभी सोच रहे होंगे यह कौन है? अभी थोड़ी देर पहले ही लगभग 12:15 बजे में यमुना विहार से अपने घर के लिए आ रहा था मैने रास्ते में ही खाना खाया था और खाना खाने के बाद बचा हुआ एक पॉलिथीन में बंद कर गाड़ी पर बांध लिया और जैसे ही में रोड से गुजर रहा था वहीं रास्ते में एक कूड़ाघर था मैने वो पॉलिथीन उसमे फेंकने के लिए गाड़ी रोकी और वो पॉलिथीन वहां फेंक दी मैने अभी गाड़ी आगे बढ़ाई भी नहीं थी कि एक बच्चा महज 10_12 साल की उम्र होगी उसकी मेरी फेंकी हुई पॉलीथिन को उठाने लगा मैने तुरंत उसको रोका अरे ये क्या कर रहा है भाई और उसे अपने पास बुलाया वो मुझसे कुछ बोल नहीं रहा था फिर मेरे पूछने पर उसने बताया कि उसके मा बाप नहीं है और घर(जहां भी वो रहता होगा) पर उसकी छोटी बहन उसका इंतज़ार कर रही है जिससे वो यह कहकर आया था कि मैं तेरे लिए खाना लेने जा रहा हूं। उसकी इतनी बात सुन कर दिल कांप उठा कि एक छोटा सा बच्चा जो कि यतीम है इतनी रात को कुड़ेघर में खाना ढूंढ़ रहा है। मै उसकी जैसे मदद कर सकता था उस वक़्त मैने की और जब जाने लगा मैने उसे आवाज़ दी और वापस अपने पास बुलाया और उसकी ये बेहद खूबसरत तस्वीर ली जिसमें उसकी यह मुस्कुराहट बयां कर रही थी कि वो बहुत खुश था और उसकी इस मुस्कुराहट ने मुझे वो सुकून दिया जो की में अपने शब्दों से बयां नहीं कर सकता।
मकसद ये कहानी सुना ना नहीं था बल्कि आप लोगो तक मेरा ये छोटा सा मैसेज पहुंचना था कि हम लोग रोजाना ना जाने कितना खाना बरबाद कर देते है फिर वो चाहे किसी के बैर्थडे पार्टी में एक दूसरे के मुंह पर केक लगा कर करते हो या फिर जब खाते खाते मन भर जाने पर उसे कूड़े में फेंक देते है क्यों ना हम अपना बर्थडे ऐसे ही बच्चो के साथ मिलकर मनाना शुरू कर दे इससे आप इन लोगो को खुशियों की वजह बन सकते हो साथ ही जब कभी आप बाहर कहीं खाना खाए तो एक नजर अपने आस पास देखले कि कहीं कोई इस तरह का बच्चा भूका तो नहीं है ताकि आपके खाने का थोड़ा सा हिस्सा किसी कि खुशियों की वजह बन सकती है।
पढ़ने लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ❤
#वाजिद✍️

Very nice wajid bahi
ReplyDeleteShukriya bhai
DeleteVery nice wajid bahi
ReplyDelete👌👌bahut khoob✌️
ReplyDeleteShukriya
DeleteBahut bdiya👌👌
ReplyDeleteShukriya bhai ❤
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