इस साल के 12वी के परिणाम को देखते हुए बहुत सारे छात्र व छात्राओं के मन मे निराशा बनी हुई है अपने भविष्य को लेकर जिसकी वजह से वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और नकारात्मक स्थिती के शिकार हो रहे है जो कि उनके लिए ठीक नही है। कई जगहों से खबरें भी सुनने को मिलती है की बच्चे कम नंबरों की वजह से इतना नकारात्मकता का शिकार हो जाते है कि वो आत्महत्या जैसे बड़े कदम तक उठाने की सोचने लगते है और कुछ इसे अंजाम भी दे देते है।
ऐसी स्थिति में चाहिए कि ऐसे बच्चो से अच्छा स्वभाव बनाये रखे और उनको किसी भी तरह से उनके नंबरों को लेकर उनसे चर्चा ना करें। ऐसे छात्र व छात्राओं के परिवार और दोस्तो को चाहिए कि उनको किसी भी तरह से इस स्थिति से निकलने की कोशिश करे उनका ध्यान कहीं औऱ केंद्रित करने का प्रयास करें उनको भविष्य में कुछ और व अन्य रास्ता चुनने की सलाह दे उन्हें अकेला न छोड़ें उनकी मनोस्थिति को जानने की कोशिश करें।
ऐसी स्थिति में चाहिए कि ऐसे बच्चो से अच्छा स्वभाव बनाये रखे और उनको किसी भी तरह से उनके नंबरों को लेकर उनसे चर्चा ना करें। ऐसे छात्र व छात्राओं के परिवार और दोस्तो को चाहिए कि उनको किसी भी तरह से इस स्थिति से निकलने की कोशिश करे उनका ध्यान कहीं औऱ केंद्रित करने का प्रयास करें उनको भविष्य में कुछ और व अन्य रास्ता चुनने की सलाह दे उन्हें अकेला न छोड़ें उनकी मनोस्थिति को जानने की कोशिश करें।
मौ. वाजिद अली

Nice bahi keep it up🤗🤗
ReplyDeleteSukhriya bhai
Deleteबहुत बढ़िया 👌
ReplyDeleteSukhriya bhai 😘
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ReplyDeleteWell-done👌👌
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